प्रधानाचार्य के कलम से....

अपने जीवन के उषश काल में मै रामाधार ठाकुर रमा नंदी पानवती महाविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग में व्याख्याता के पद पर नियुक्त हुआ था, सभी इसकी प्रतिष्ठा के वृत में मेरी अनुश्शामयी भावनाएं आबद्ध हुई थी | अपनी योग्यता और क्षमता के अनुकूल उसी समय से संस्था को अपनी सेवा समर्पण में मैं निरंतर हूं | विगत 1 लि फरवरी 2018 को जब मैं इस शिक्षा मंदिर में प्राचार्य के पद पर आसीन हुआ तो प्रबंधक समिति विशेष कर तत्कालीन प्रधान प्राचार्य डॉ कृष्ण कुमार पाण्डेय की सदस्यता के प्रति कृतज्ञ भाव से आह्लादित हो उठा ! मेरे अंत: की श्रद्धा - भावना अचानक उज्जवलित व उद्रभाषित हो उठी ! आज संस्था की मांगलीक यात्रा विद्वता के रास्ते तथा समाज के निर्णय के क्षेत्र में बहु आयामी उपलब्धियां प्राप्त करने, इतिहास रचने में अग्रसर है ! ज्ञान ही दिया में कीर्तिमान स्थापित करने में सक्षम असंख्य संभावनाओं से साकार यह संस्थान छात्र - छात्राओं के उज्जवल भविष्य के निर्माण की शुभ संकल्पों से स्पंदित और तरंगित है ! हमें महाविद्यालय संचालन में शिक्षक शिक्षकेतर कर्मियों का जो अपेक्षित सहयोग मिल रहा है इसे इसके लिए उनके प्रति सच्चे दिल से कृतज्ञता व्यक्त करता हूं, यह जीवन दा ने अगर अपने कृपालु मन में हमें प्रणव नहीं करेंगे तो शायद किसी विशेष की कृपा भी पतिफलित न होगी ! विश्वास है, यह विद्यापीठ क्षेत्र के उत्कृष्ट भावना के अनुरूप सदैव - सदैव तक विद्या का पीयूष पिलाता ही रहेगा

धन्यवाद
रामाधार ठाकुर

(प्रचार्य / सचिव)

सुचना पट


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